गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026

झूठ कौन बोल रहा है? लघुकथा

 झूठ कौन बोल रहा है? (लघुकथा)


एक प्रिंटर मुरम्मत करने वाले की दुकान पर गया ग्राहक उसे ठीक करने के लिए बोला दुकानदार बोला कि मेरा बेटा ठीक करता है मैं दूसरे काम करता हूं और उसने अपने बेटे को फोन पर बुलाया।

तब तक वह बातचीत करने लगे 

सीधे राजनीति पर आ गए और बोले बुरा हाल है भाई साहब आप किसी को कुछ मानते हों लेकिन एक बात है गुजराती लोग बहुत झूठ बोलते हैं उनका इशारा प्रधानमंत्री की तरफ़ था 

ग्राहक सुनता रहा और कुछ उत्तर देने की कोशिश करता तो वह तुरंत नई बात और उदहारण देते और बोलने ही नहीं देते।

ख़ैर उनका बेटा आया और बोला दो घंटे बाद आना ठीक हो जाएगा।


दो घंटे बाद ग्राहक आया और उनके बेटे ने कहा जो आपने बताया वह ठीक कर दिया है लेकिन इसका दूसरा पार्ट खराब है कहो तो वह नया डाल दूं।

ग्राहक बोला वह तो बिल्कुल सही काम कर रहा है वह बोला नहीं अभी तो नहीं कर रहा था इस बीच उसके पिता बोले नहीं आप नया ही डलवा लीजिए बार बार की दिक्कत से, 


ग्राहक ने चलाने को कहा और वह बिल्कुल सही काम कर रहा था।


ग्राहक उसके पिता की ओर देखते रहे काफी देर तक और वह सकपका गए।


सूबे सिंह सुजान