शुक्रवार, 1 सितंबर 2023

आ गई गालियां मेरे हिस्से

 क्योंकि ईमान दोस्त है मेरा,

आ गई गालियां मेरे हिस्से।

शेर अच्छे रक़ीब कहते हैं,

आती हैं तालियां मेरे हिस्से।


सूबे सिंह सुजान

कुरूक्षेत्र

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