रविवार, 14 जनवरी 2024

साहित्य विचार का रथ है


 विचार की आत्मा नव उत्कर्ष, युग चेतन , परिवर्तन है और विचार बुद्धि से निकलते हैं विचार के लिए किसी भाषा का चयन महत्वपूर्ण नहीं है उसके लिए उसका जन्म महत्वपूर्ण है वह किस जगह,किस प्रकार,किस समय व किसके माध्यम से उत्पन्न होगा यह हम तय नहीं कर पाते। लेकिन विचार का जन्म हुआ है उसका हर भाषा में स्वागत होना चाहिए यदि भाषा के आधार पर विचार को छोड़ दिया जाए तो उस विचार को त्यागने वाला ही लाभ से वंचित रहेगा। साहित्य किसी भी विचार का वहन करता है और उसको प्रसारित करता है

साहित्य विस्तृत है वह अनेकों विद्याओं का वाहक है जिसका उद्देश्य विचार को वैश्विक स्तर पर वास्तविक रूप में प्रसारित करना है ताकि जन जन को सत्य जानने का अवसर मिले।

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