sujankavi
my poetry मेरी गजलें और कवितायें
गुरुवार, 4 जून 2026
पेड़ पौधे लगाए जाते हैं और फिर जलाए, काटे जाते हैं
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पर्यावरण ख़राब है यह सब कहते हैं लेकिन क्यों ख़राब है? कैसे ख़राब है? कौन ख़राब कर रहे हैं? और कैसे सुधारें? और सबसे बड़ी बात जो सुधारने...
गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
उनकी नींद में खलल पड़ता है।
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दरअसल हमारे शिक्षक वर्तमान समय में मीठा ज़हर का इस्तेमाल करते हैं यह चाहते हैं इन्हें काम करने के लिए भी कोई न कहे और यूनियन इनके आराम का ...
उर्दू ज़बान और प्यार का झूठा प्रोपगंडा
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हमारे देश में कुछ सेक्युलर लोगों का गुप्त ऐजेंडा होता है वह इसे लोगों के मन, बुद्धि, चित्त और संस्कृति, धर्म बदलने के लिए छिपा कर चलाते हैं...
मंगलवार, 7 अप्रैल 2026
वामपंथी द्वारा सूबे सिंह सुजान
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वह लोग जिसे असभ्य कह रहे हैं एक दिन पहले उसे वही लोग सच्चा बताते हैं? वही लोग उसे सही ठहराते हैं फिर वही लोग उसे असभ्य कहते हैं ? इन लोगों...
शनिवार, 14 फ़रवरी 2026
अनकही कहानियां सूबे सिंह सुजान-भाग-1
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दो गहरे मित्र होते हैं उनमें अनेक काम एक दूसरे के अपने कार्यक्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक संगठनों में और अन्य व्यक्तिगत कार्यों में आपस में मे...
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026
ये भारी सम्मान, रख दो मुझ पर
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ये भारी सम्मान रख दो मुझ पर, और बोले,अपमान आप रखना। उठेंगे तुमसे नहीं पुरस्कार, ये खेल मैदान,आप रखना। सूबे सिंह सुजान
रविवार, 25 जनवरी 2026
समस्याएं पैदा की जाती हैं, समस्याओं को ठीक करने के लिए।
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समस्याएं पैदा की जाती हैं समस्याएं ठीक करने के लिए। यह प्राकृतिक उपचार प्रक्रिया है जैसे बहुत अधिक गर्मी इसलिए होती है गर्मी को कम करने के...
शनिवार, 27 दिसंबर 2025
सर्दी कुछ नहीं कहती, सर्दी से सीखो अपना ध्यान रखें
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हर मौसम को जीने दो। देखिए। सर्दी के बारे में अफवाहें मत फैलायें। कि सर्दी आ गई है,यह हो गया, वह हो गया।लोग ठंड से मर गए आदि आदि। सर्दी की अ...
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