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my poetry मेरी गजलें और कवितायें

शनिवार, 14 फ़रवरी 2026

अनकही कहानियां सूबे सिंह सुजान-भाग-1

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 दो गहरे मित्र होते हैं उनमें अनेक काम एक दूसरे के अपने कार्यक्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक संगठनों में और अन्य व्यक्तिगत कार्यों में आपस में मे...
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026

ये भारी सम्मान, रख दो मुझ पर

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 ये भारी सम्मान रख दो मुझ पर, और बोले,अपमान आप रखना। उठेंगे तुमसे नहीं पुरस्कार, ये खेल मैदान,आप रखना। सूबे सिंह सुजान
रविवार, 25 जनवरी 2026

समस्याएं पैदा की जाती हैं, समस्याओं को ठीक करने के लिए।

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 समस्याएं पैदा की जाती हैं समस्याएं ठीक करने के लिए।  यह प्राकृतिक उपचार प्रक्रिया है जैसे बहुत अधिक गर्मी इसलिए होती है गर्मी को कम करने के...
शनिवार, 27 दिसंबर 2025

सर्दी कुछ नहीं कहती, सर्दी से सीखो अपना ध्यान रखें

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 हर मौसम को जीने दो। देखिए। सर्दी के बारे में अफवाहें मत फैलायें। कि सर्दी आ गई है,यह हो गया, वह हो गया।लोग ठंड से मर गए आदि आदि। सर्दी की अ...
गुरुवार, 6 नवंबर 2025

अमेरिका, यूरोप का कम्युनिस्ट विचारधारा नामक सांप अब उनको डंसने लगा है।

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 आचार्य चाणक्य ने कहा था कि जब दुश्मन अपने सर्वनाश की तरफ क़दम उठाए तो उसे रोकना, टोकना नहीं चाहिए उसके काम में व्यवधान नहीं डालना चाहिए क्य...
रविवार, 26 अक्टूबर 2025

नयी ग़ज़ल। सूबे सिंह सुजान

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 घबराइए नहीं कभी भी कामकाज से  हर काम कीजिए सदा अपने मिज़ाज से। सच के लिए विवाद नहीं, चर्चा ही करो,  पीछे हटें न हम किसी भी ऐतराज से। जो बात...
मंगलवार, 16 सितंबर 2025

अपनी गरिमा को व्यक्ति ख़ुद नीचे गिरा लेते हैं।

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 हर व्यक्ति का अपना एक अलग अलग स्वभाव, व्यक्तित्व होता है वह उसी प्रकार,कि जिस प्रकार उसकी शक्ल अलग-अलग, बुद्धि अलग अलग होती है। लेकिन यह तो...
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sube singh sujan
kurukshetra, haryana, India
hindi poet....मुख्यतया गजल व कविता लिखना,बच्चों को पढाना।
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