sujankavi
my poetry मेरी गजलें और कवितायें
मंगलवार, 29 सितंबर 2026
शिक्षकों मनोदशा यह भी होती है।
›
स्थानांतरण पश्चात शिक्षकों की शिक्षा व बच्चों के प्रति मानसिकता का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण :- लगभग शिक्षक नये स्कूलों में जाकर वर्तमान स्कू...
बुधवार, 22 जुलाई 2026
कहानी - ज़ुल्मोगारत
›
कहानी - ज़ुल्मोगारत एक आदमी दूसरे देश से आया था उसने एक सहनशील धार्मिक व्यक्ति से आश्रय मांगा उसने अपने घर में रहने को जगह दे दी कुछ दिन ब...
गुरुवार, 4 जून 2026
पेड़ पौधे लगाए जाते हैं और फिर जलाए, काटे जाते हैं
›
पर्यावरण ख़राब है यह सब कहते हैं लेकिन क्यों ख़राब है? कैसे ख़राब है? कौन ख़राब कर रहे हैं? और कैसे सुधारें? और सबसे बड़ी बात जो सुधारने...
गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
उनकी नींद में खलल पड़ता है।
›
दरअसल हमारे शिक्षक वर्तमान समय में मीठा ज़हर का इस्तेमाल करते हैं यह चाहते हैं इन्हें काम करने के लिए भी कोई न कहे और यूनियन इनके आराम का ...
उर्दू ज़बान और प्यार का झूठा प्रोपगंडा
›
हमारे देश में कुछ सेक्युलर लोगों का गुप्त ऐजेंडा होता है वह इसे लोगों के मन, बुद्धि, चित्त और संस्कृति, धर्म बदलने के लिए छिपा कर चलाते हैं...
मंगलवार, 7 अप्रैल 2026
वामपंथी द्वारा सूबे सिंह सुजान
›
वह लोग जिसे असभ्य कह रहे हैं एक दिन पहले उसे वही लोग सच्चा बताते हैं? वही लोग उसे सही ठहराते हैं फिर वही लोग उसे असभ्य कहते हैं ? इन लोगों...
शनिवार, 14 फ़रवरी 2026
अनकही कहानियां सूबे सिंह सुजान-भाग-1
›
दो गहरे मित्र होते हैं उनमें अनेक काम एक दूसरे के अपने कार्यक्षेत्र के साथ-साथ सामाजिक संगठनों में और अन्य व्यक्तिगत कार्यों में आपस में मे...
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026
ये भारी सम्मान, रख दो मुझ पर
›
ये भारी सम्मान रख दो मुझ पर, और बोले,अपमान आप रखना। उठेंगे तुमसे नहीं पुरस्कार, ये खेल मैदान,आप रखना। सूबे सिंह सुजान
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें